प्रदेश में क्षेत्रवाद की राजनीति का अंत ।

उत्तराखंड की राजनीति में वर्तमान समय एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बन रहा है। दशकों से राज्य की प्रगति में बाधक रही ‘क्षेत्रवाद’ (गढ़वाल बनाम कुमाऊं) की संकीर्ण राजनीति अब धीरे-धीरे समाप्त हो रही है, और इसकी जगह ‘उत्तराखण्डीय अस्मिता’ और ‘एकीकृत विकास’ की भावना ले रही है। उत्तराखंड सरकार की विभिन्न नीतियों ने इस […]

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