मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के समापन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ शामिल हुईं खेल मंत्री रेखा आर्या, इस वर्ष करीब 3.17 लाख खिलाड़ियों ने किया प्रतिभाग
खिलाड़ियों की मेहनत और प्रतिभा उत्तराखंड को खेलभूमि के रूप में दिलाएगी नई पहचान- रेखा आर्या
खेल केवल शारीरिक और मानसिक विकास का नहीं रहा माध्यम बल्कि इनके जरिए युवाओं के लिए रोजगार, सम्मान और बेहतर भविष्य के खुल रहे अवसर-रेखा आर्या
32 खेल विधाओं में न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक आयोजित हुईं प्रतियोगिताएं, पिछले वर्ष की तुलना में करीब एक लाख खिलाड़ियों की बढ़ी भागीदारी

देहरादून: खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित खेल महाकुंभ-2026 के अंतर्गत मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी का समापन समारोह रविवार को देहरादून में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ खेल मंत्री रेखा आर्या ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर खिलाड़ियों ने पारंपरिक खेल मलखंब एवं योग की शानदार प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि खेल महाकुंभ आज उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का एक सशक्त मंच बन चुका है। न्याय पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक आयोजित इस प्रतियोगिता के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के हजारों बच्चों एवं युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है।
खेल मंत्री ने कहा कि इस वर्ष खेल महाकुंभ में खिलाड़ियों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2025 में जहां 2.19 लाख खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था, वहीं वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 3.17 लाख हो गई है। इस वर्ष कुल 3.33 लाख खिलाड़ियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया, जो प्रदेश में खेलों के प्रति बढ़ते आकर्षण और सकारात्मक बदलाव का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि खेल महाकुंभ-2026 में कुल 32 खेल विधाओं को शामिल किया गया है।जिसमे न्याय पंचायत स्तर की 662, विधानसभा स्तर की 70 और संसदीय क्षेत्र स्तर की 8 प्रतियोगिताओं के माध्यम से खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने का अवसर मिला है।
प्रतियोगिताओं में पारंपरिक खेलों के साथ आधुनिक एवं ओलंपिक खेलों को भी स्थान दिया गया है, जिससे प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को व्यापक मंच मिल सके।

रेखा आर्या ने कहा कि खेल महाकुंभ के अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर विजेता खिलाड़ियों को कुल 11.50 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि वितरित की जाएगी। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को न्याय पंचायत, विकासखंड, जनपद और राज्य स्तर पर निर्धारित पुरस्कार राशि के साथ प्रमाण-पत्र एवं मेडल प्रदान किए गए । इसके अतिरिक्त राज्य स्तर पर प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को ट्रैकसूट, खेल किट, जूते एवं भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई ।
खेल मंत्री ने कहा कि आज खेल केवल शारीरिक और मानसिक विकास का माध्यम नहीं रह गए हैं, बल्कि इनके जरिए युवाओं के लिए रोजगार, सम्मान और बेहतर भविष्य के नए अवसर भी खुल रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के हर क्षेत्र में छिपी खेल प्रतिभाओं को उचित प्रशिक्षण, सुविधाएं और प्रोत्साहन मिले।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खेलों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। खिलाड़ियों को आधुनिक खेल अवस्थापना, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के साथ ही उत्तराखंड को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश और देवभूमि का नाम रोशन करें। खेल महाकुंभ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को भी आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है।

इस अवसर पर खेल मंत्री ने सभी विजेता खिलाड़ियों, प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों एवं आयोजन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ,उपाध्यक्ष राज्य युवा कल्याण सलाहकार परिषद कुंदन लटवाल, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, जिलाधिकारी आशीष चौहान, सीडीओ अभिनव शाह, निदेशक खेल दीप्ति सिंह, अपर निदेशक खेल अजय अग्रवाल, संयुक्त निदेशक खेल शक्ति सिंह, उपनिदेशक नीरज गुप्ता, जिला क्रीड़ा अधिकारी शबाली गुरुंग सहित विभागीय अधिकारीगण, कर्मचारी और खिलाड़ी उपस्थित रहे।

