कांग्रेस का राजनीतिक एजेंडा हुआ फेल: हाइकोर्ट के कड़े रुख से ‘शुद्धिकरण’ विवाद को तूल देने की कोशिशों पर फिरा पानी

उत्तराखंड देहरादून

शुद्धिकरण विवाद में कांग्रेस का एजेंडा हुआ फेल:
हाइकोर्ट ने एजेंडा याचिका किया खारिज

कोर्ट ने उत्तराखंड पुलिस की चल रही जांच पर पूरी संतुष्टि जताई और कहा कि इसमें किसी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी जनसभा के बाद ‘शुद्धिकरण’ विवाद को कांग्रेस चुनावी स्टंट बनाकर राज्य में दलित सवर्ण जातियों को बांटकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने में लगी है

इस विवाद को लेकर जो राजनीतिक रोटियां सेकने की तैयारी थी, उस पर अदालत के फैसले ने पूरी तरह पानी फेर दिया है

क्या था पूरा विवाद?

बीती 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की एक बड़ी जनसभा हुई थी। इसके बाद 11 अगस्त को एक दक्षिणपंथी संगठन ‘श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास’ के कार्यकर्ताओं ने मंच पर गंगाजल छिड़ककर और हवन कर ‘शुद्धिकरण’ करने का दावा किया था।

लोगों का आरोप था कि सभा के दौरान मुस्लिम समाज के लोगो ने गलत धार्मिक नारे लगाए थे चूंकि ये मंच रामलीला के लिए है इसलिए इसे शुद्ध किया गया।

 

इसमें जाति विशेष का कोई लेना देना नहीं था।

 

पर कांग्रेस ने इसे दलित समाज के अपमान से जोड़कर राज्यसभा से लेकर दिल्ली तक बड़ा मुद्दा बनाया था। हालांकि, कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद अब इस मामले को तूल देने की राजनीतिक कोशिशों पर पानी फिर गया है।